पटना | 23 जुलाई 2025:
बिहार में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच बुधवार को विधानसभा में सत्तारूढ़ और विपक्ष के बीच जोरदार टकराव देखने को मिला। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के बीच तीखी बहस हुई, जिसमें व्यक्तिगत आरोपों और पुराने कार्यकाल के मुद्दों को उठाया गया।
नीतीश कुमार का हमला:
सीएम नीतीश कुमार ने सदन में तेजस्वी यादव को संबोधित करते हुए कहा,
“जब आपके माता-पिता सत्ता में थे, तब पटना में शाम को कोई बाहर नहीं निकलता था। आप तब बच्चे थे, लेकिन अब जिम्मेदारी समझिए।”
उन्होंने आरजेडी शासनकाल पर सवाल उठाते हुए कहा कि
“तेजस्वी जी को अपने माता-पिता का कार्यकाल देखना चाहिए। RJD ने मुसलमानों के लिए आज तक क्या किया? हमने उनके लिए काम किया है। केंद्र सरकार भी हर मुद्दे पर हमारा सहयोग कर रही है।”
नीतीश कुमार ने यह भी कहा कि वे JDU और BJP के गठबंधन के साथ पहले भी थे और आगे भी रहेंगे।
विपक्ष का हंगामा:
नीतीश के बयान के बाद RJD विधायकों ने जोरदार विरोध किया। 'नीतीश कुमार मुर्दाबाद', 'हाय-हाय' और 'चुप्पी तोड़ो' जैसे नारों के बीच विधानसभा में हंगामा हुआ, जिसके चलते सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
बाद में विपक्षी विधायक विधानसभा के मुख्य द्वार पर धरने पर बैठ गए, जबकि सीएम और डिप्टी सीएम को पिछले गेट से अंदर लाया गया। इस दौरान मार्शलों और विधायकों के बीच धक्का-मुक्की भी देखने को मिली।
वोटर लिस्ट से 51 लाख नाम हटाने पर विवाद:
इसी बीच चुनाव आयोग की ओर से बिहार में चल रहे Special Intensive Revision (SIR) अभियान के तहत करीब 51 लाख मतदाताओं के नाम हटाए जाने की जानकारी ने राजनीतिक माहौल और गर्मा दिया है। विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को लेकर लोकसभा में भी हंगामा किया।
लोकसभा में भी हंगामा:
मानसून सत्र के तीसरे दिन लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने आसन के पास पहुंचकर नारेबाजी की और तख्तियां लहराईं, जिन पर SIR और अन्य राष्ट्रीय मुद्दों जैसे पहलगाम आतंकी हमला और ऑपरेशन सिंदूर पर कार्रवाई की मांग लिखी थी। इसके चलते लोकसभा की कार्यवाही भी दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई।