रुद्रप्रयाग (उत्तराखंड), 2 अगस्त 2025: भूस्खलन और भारी बारिश के कारण कई दिनों से रुकी केदारनाथ धाम यात्रा शनिवार को फिर से शुरू कर दी गई है। हालांकि, अब श्रद्धालुओं को बाबा केदारनाथ के दर्शन के लिए पहले से अधिक दूरी पैदल तय करनी होगी। प्रशासन ने सोनप्रयाग से यात्रियों को धीरे-धीरे गौरीकुंड के रास्ते रवाना करना शुरू कर दिया है।
भूस्खलन से यात्रा हुई थी बाधित
बीते बुधवार रात को हुई भारी बारिश के चलते सोनप्रयाग-गौरीकुंड के बीच मुनकटिया के पास सड़क का लगभग 50 मीटर हिस्सा भूस्खलन में बह गया था, जिससे मार्ग पूरी तरह बंद हो गया था। इसके चलते केदारनाथ यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया गया था और सुरक्षा की दृष्टि से लगभग 2000 श्रद्धालुओं को मार्ग में ही रोक दिया गया था।
अब 22 किलोमीटर पैदल तय करना होगा रास्ता
रुद्रप्रयाग के पुलिस अधीक्षक सर्वेश सिंह पंवार के मुताबिक, फिलहाल मुख्य सड़क मार्ग आंशिक रूप से पैदल चलने लायक बना दिया गया है। जब तक सड़क पूरी तरह से वाहनों के लिए बहाल नहीं हो जाती, तब तक श्रद्धालुओं को गौरीकुंड से केदारनाथ धाम तक लगभग 22 किलोमीटर का रास्ता पैदल तय करना होगा।
बारिश के कारण वैकल्पिक पैदल मार्ग भी प्रभावित हुआ है, जिससे केदारनाथ से लौट रहे तीर्थयात्रियों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। हालांकि, सुरक्षा बलों की मदद से वापसी कर रहे यात्रियों को धीरे-धीरे नीचे लाया जा रहा है।
प्रशासन की अपील: मौसम देखकर करें यात्रा
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले मौसम की स्थिति और पूर्वानुमान की जानकारी अवश्य लें। मौसम खराब होने की स्थिति में यात्रा को फिर से अस्थायी तौर पर रोका जा सकता है।
धार्मिक आस्था के साथ ही जरूरी है सावधानी
बाबा केदारनाथ के दर्शन के लिए देशभर से श्रद्धालु हर साल भारी संख्या में आते हैं, लेकिन उत्तराखंड की संवेदनशील भौगोलिक स्थिति को देखते हुए यात्रा में सावधानी बेहद आवश्यक है। प्रशासन लगातार हालात की निगरानी कर रहा है और जैसे ही मार्ग पूरी तरह से सुगम होगा, नियमित आवागमन फिर से बहाल किया जाएगा।