दिल्ली/रांची: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के संरक्षक शिबू सोरेन की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है। फिलहाल उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। 81 वर्षीय वरिष्ठ नेता को जून के आखिरी सप्ताह में किडनी संबंधी दिक्कतों के चलते दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां से लगातार उनके स्वास्थ्य पर निगरानी रखी जा रही है।
अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, शिबू सोरेन पिछले एक महीने से ज्यादा समय से भर्ती हैं और हालत में कोई विशेष सुधार नहीं हुआ है। डॉक्टरों की एक विशेष टीम उनकी सेहत पर बारीकी से नजर रखे हुए है। उन्हें फिलहाल वेंटिलेटर पर रखा गया है ताकि आवश्यक जीवन रक्षक सहायता दी जा सके।
हेमंत सोरेन कर रहे निगरानी
झारखंड के मुख्यमंत्री और शिबू सोरेन के बेटे हेमंत सोरेन लगातार दिल्ली में मौजूद हैं और अपने पिता की देखभाल कर रहे हैं। 24 जून को उन्होंने अस्पताल पहुंचकर जानकारी दी थी कि "पिता की हालत स्थिर है, लेकिन डॉक्टरों ने फिलहाल कोई स्पष्ट समय सीमा नहीं दी है कि वे कब तक पूरी तरह ठीक हो जाएंगे।"
झारखंड की राजनीति में अहम स्थान
शिबू सोरेन झारखंड की राजनीति में एक अहम और ऐतिहासिक चेहरा रहे हैं। वे तीन बार राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके हैं और पिछले 38 वर्षों से झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रमुख नेता के रूप में सक्रिय रहे हैं। उन्हें आदिवासी समाज के एक मजबूत नेता और जननायक के तौर पर भी पहचाना जाता है।
पार्टी और समर्थकों में चिंता
शिबू सोरेन की बिगड़ती तबीयत की खबर से झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ताओं और समर्थकों में गहरी चिंता व्याप्त है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं का दिल्ली आना-जाना भी जारी है।
फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है और राज्यभर में उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की जा रही है।