लखनऊ:
समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव पर कथित अपमानजनक टिप्पणी को लेकर भारतीय जनता पार्टी अचानक एक्टिव मोड में आ गई है। दिल्ली से लेकर लखनऊ तक बीजेपी ने मोर्चा संभाल लिया है। जहां दिल्ली में एनडीए सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन किया, वहीं लखनऊ स्थित बीजेपी मुख्यालय में कैबिनेट मंत्री बेबीरानी मौर्य ने इस मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की।
मौलाना के बयान पर भड़कीं मंत्री बेबीरानी मौर्य
उत्तर प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री बेबीरानी मौर्य ने मौलाना साजिद रशीदी के बयान की तीखी निंदा करते हुए कहा कि “सपा और बीजेपी की विचारधाराओं में फर्क हो सकता है, लेकिन महिलाओं के अपमान को हम बर्दाश्त नहीं करेंगे।”
उन्होंने सवाल उठाया कि इस बयान पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की चुप्पी असहज करने वाली है। क्या वोटबैंक की राजनीति के चलते वे अपनी ही पत्नी के अपमान पर भी चुप रहेंगे?
बेबीरानी मौर्य ने कांग्रेस को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि "लड़की हूं, लड़ सकती हूं" का नारा देने वाली प्रियंका गांधी इस मामले पर चुप हैं, जो दर्शाता है कि महिला सशक्तिकरण के दावे खोखले हैं।
संसद परिसर में प्रदर्शन, पोस्टर के ज़रिए विपक्ष पर हमला
दिल्ली में एनडीए के सांसदों ने संसद परिसर में मौलाना के बयान और विपक्ष की प्रतिक्रिया को लेकर विरोध दर्ज किया। सांसदों के हाथों में तख्तियां थीं, जिन पर लिखा था:
“नारी सम्मान पर भारी, तुष्टिकरण की राजनीति तुम्हारी”
बीजेपी नेताओं ने सपा और कांग्रेस पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि महिला सम्मान और वोटबैंक की राजनीति साथ नहीं चल सकती।
डिंपल यादव ने भी दी प्रतिक्रिया
इस पूरे घटनाक्रम पर सपा सांसद डिंपल यादव की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने बीजेपी पर पलटवार करते हुए कहा,
“आपका विरोध तब ज्यादा सार्थक होता, जब आप मणिपुर की महिलाओं के मुद्दे पर भी इसी तरह आवाज उठाते। मणिपुर पर आपकी चुप्पी सवालों के घेरे में है।”