आगरा, उत्तर प्रदेश | 26 जुलाई 2025
उत्तर प्रदेश के आगरा जिले से एक साहसिक और अविश्वसनीय घटना सामने आई है, जहाँ एक 10 वर्षीय मासूम ने अपनी जान की परवाह किए बिना अपने पिता को मगरमच्छ के मुंह से बचा लिया। यह घटना शुक्रवार को थाना बासौनी क्षेत्र के अंतर्गत स्थित गांव झरनापुरा में हुई।
घटना का विवरण
गांव निवासी बंटू उर्फ वीरभान (36) शुक्रवार सुबह अपने पशुओं को चराने के लिए चंबल नदी किनारे गया था। वह नदी किनारे आराम कर रहा था तभी पानी से निकले एक मगरमच्छ ने उसके पैर को जबड़े में दबोच लिया और पानी की ओर खींचने लगा।
वहीं पास में उसका 10 वर्षीय बेटा अजय मौजूद था। उसने बिना डरे लाठी उठाई और नदी में कूद पड़ा। उसने मगरमच्छ पर लगातार वार किए। करीब 20 मिनट तक पिता-पुत्र की यह संघर्षपूर्ण जंग चली। आखिरकार, मगरमच्छ ने बंटू को छोड़ दिया।
चीख-पुकार सुनकर पास के खेतों में काम कर रहे किसान भी लाठी-डंडों के साथ मौके पर पहुंचे और मगरमच्छ को पूरी तरह खदेड़ दिया।
गंभीर रूप से घायल किसान अस्पताल में भर्ती
हमले में बंटू का पैर गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बाह ले जाया गया, लेकिन हालत गंभीर होने पर आगरा रेफर कर दिया गया है। फिलहाल बंटू का इलाज जारी है।
बेटे अजय की बहादुरी की चारों ओर सराहना
जब बंटू जान बचाकर बेटे के साथ बाहर आया, तो गांववालों ने अजय की पीठ थपथपाई और उसके साहस को सलाम किया। ग्रामीणों का कहना है कि इतनी कम उम्र में इतनी बहादुरी विरले ही देखने को मिलती है।
यह घटना न सिर्फ एक साहसी बच्चे की मिसाल है, बल्कि यह दर्शाती है कि संकट के समय में हौसला और संकल्प किसी भी खतरे को मात दे सकता है।