देहरादून – उत्तराखंड पंचायत चुनाव 2025 के नतीजे सामने आने लगे हैं और इन नतीजों में कई अनोखी और दिलचस्प तस्वीरें देखने को मिल रही हैं। खासकर कुछ ऐसे परिणामों ने लोगों का ध्यान खींचा है, जहां एक ही परिवार के कई सदस्य चुनाव जीतकर पंचायत राजनीति में अपनी मजबूत दस्तक दे रहे हैं।
धनौला में देवरानी-जेठानी की संयुक्त जीत
धनौला क्षेत्र पंचायत सीट से साक्षी थापा ने क्षेत्र पंचायत सदस्य के तौर पर जीत दर्ज की है, वहीं धनौला ग्राम पंचायत सीट से उनकी जेठानी सोनिया थापा प्रधान चुनी गई हैं। खास बात यह है कि दोनों ने पहली बार चुनावी मैदान में कदम रखा और जीत दर्ज की।
साक्षी को 23 वोटों से और सोनिया को 30 वोटों से विजय मिली। दोनों ने जीत के बाद एक-दूसरे को गले लगाकर बधाई दी और कहा कि उन्हें परिवार और गांववासियों का भरपूर समर्थन मिला। परिवार ने ही दोनों को चुनाव लड़ने के लिए प्रेरित किया था।
बड़ासी ग्रांट में भाइयों की जोड़ी ने लहराया परचम
बड़ासी ग्रांट से अरविंद कुमार क्षेत्र पंचायत सदस्य निर्वाचित हुए हैं जबकि उनके छोटे भाई राहुल कुमार ग्राम पंचायत प्रधान चुने गए हैं। दोनों भाई स्थानीय स्तर पर कारोबार करते हैं और पहली बार पंचायत चुनाव लड़े। अरविंद ने बताया कि ग्रामीणों के आग्रह पर उन्होंने चुनाव लड़ा और जनता ने उन्हें समर्थन देकर विजयी बनाया।
भिलंग ग्राम सभा में यशोदा देवी की दोबारा जीत
अखंडवाली भिलंग ग्राम सभा से यशोदा देवी लगातार दूसरी बार प्रधान बनी हैं। उन्होंने कहा कि पिछले कार्यकाल में किए गए विकास कार्यों को अब और गति दी जाएगी।
पति की विरासत संभालेंगी सिंधवाल गांव की तानिया
सिंधवाल गांव में तानिया पंवार ने प्रधान पद पर जीत हासिल की है। उन्हें 295 वोट मिले। तानिया के पति पूर्व में इसी गांव के प्रधान रहे हैं। इस बार सीट महिला आरक्षण में आने के कारण उन्होंने चुनाव लड़ा। तानिया ने कहा कि वे अपने पति के अधूरे कार्यों को आगे बढ़ाएंगी।
उत्तराखंड पंचायत चुनाव ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि स्थानीय लोकतंत्र में परिवारों की एकजुटता और महिलाओं की बढ़ती भागीदारी राज्य की ग्रामीण राजनीति को नया आयाम दे रही है।