अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फेडरल रिजर्व चेयरमैन जेरोम पॉवेल के बीच लंबे समय से तनातनी बनी हुई है। हाल ही में ट्रंप ने पॉवेल को ‘बेवकूफ’ तक कह दिया था, लेकिन अब उन्होंने अपने रुख में बदलाव के संकेत दिए हैं।
24 जुलाई को ट्रंप अचानक फेडरल रिजर्व की बिल्डिंग पहुंचे और वहाँ चल रहे रेनोवेशन कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरे के बाद उन्होंने कहा, "पॉवेल को पद से हटाने की कोई जरूरत नहीं है।" यह बयान उस तीखी आलोचना के बाद आया है जब उन्होंने पॉवेल को इंटरेस्ट रेट में कटौती न करने को लेकर बार-बार निशाना बनाया था।
Trump Vs Powell: लगातार बना दबाव
राष्ट्रपति बनने के बाद से ट्रंप लगातार पॉवेल पर ब्याज दरों में 3% या उससे अधिक की कटौती करने का दबाव बना रहे हैं। लेकिन पॉवेल ने 2025 में अब तक ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। ट्रंप इस बात से नाराज़ रहे हैं और उन्होंने पॉवेल को पद से हटाने की धमकी भी दी थी।
फेड बिल्डिंग रेनोवेशन पर ट्रंप की नाराजगी
हालांकि, पॉवेल को हटाने से पीछे हटने के बावजूद ट्रंप ने फेड बिल्डिंग के रेनोवेशन पर खर्च को लेकर नाराजगी जाहिर की। 2.5 अरब डॉलर के इस प्रोजेक्ट को उन्होंने फिजूलखर्ची बताया और कहा कि "जब सरकार खर्च कम करने की कोशिश कर रही है, तब इतना भारी खर्च ठीक नहीं है।"
अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर उन्होंने लिखा, “यह बिल्डिंग जैसी है वैसी ठीक है। उम्मीद है यह काम जल्द खत्म होगा। खर्च काफी ज्यादा है, लेकिन अच्छी बात है कि हमारी इकोनॉमी मजबूत है।”
क्या पॉवेल पर दबाव का होगा असर?
वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि पॉवेल ब्याज दरों में बदलाव का फैसला पूरी तरह इकोनॉमिक डेटा और महंगाई के ट्रेंड के आधार पर ही करेंगे, न कि राजनीतिक दबाव में।
दूसरी ओर, ट्रंप ने यह भी कहा है कि 31 जुलाई तक जो देश टैरिफ डील पर सहमत नहीं होंगे, उन पर 1 अगस्त से रेसिप्रोकल टैरिफ लागू किया जाएगा।