शिलॉन्ग
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मेघालय स्थित CMJ यूनिवर्सिटी के चांसलर चंद्रमोहन झा और उनके परिवार के सदस्यों की ₹20.28 करोड़ की संपत्ति को अस्थायी रूप से कुर्क किया है। यह कार्रवाई फर्जी डिग्री और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में की गई है। कुर्क की गई संपत्तियों में नई दिल्ली में चार अचल संपत्तियां और एक करोड़ रुपये का बैंक बैलेंस शामिल है।
घोटाले की पृष्ठभूमि
CMJ यूनिवर्सिटी, जो 2009 में अस्तित्व में आई थी, पर आरोप है कि उसने 2010 से 2013 के बीच 20,570 फर्जी डिग्रियां जारी कीं। फरवरी 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने विश्वविद्यालय को इसके “कुप्रशासन, कुप्रबंधन और धोखाधड़ी के इरादे” के कारण भंग करने का आदेश दिया था।
संपत्ति कुर्की और जांच का विवरण
-
ईडी के मुताबिक, ₹19.28 करोड़ मूल्य की चार अचल संपत्तियां 2013 से 2022 के बीच खरीदी गई थीं।
-
₹1 करोड़ का बैंक बैलेंस 16 दिसंबर 2024 को एक परिवार सदस्य के खाते में ट्रांसफर किया गया, जिससे संपत्ति को छिपाने की कोशिश की गई।
-
यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के अंतर्गत की गई है।
ईडी ने तीन जुलाई 2025 को एक अनंतिम कुर्की आदेश जारी किया था, जिसकी पुष्टि अब एजेंसी की प्रेस विज्ञप्ति से हुई है।
जांच कैसे शुरू हुई?
इस मामले की जांच का आधार बनी एक FIR, जिसे IAS अधिकारी एम.एस. राव ने तत्कालीन राज्यपाल आर.एस. मूशाहरी के निर्देश पर दर्ज कराया था। मूशाहरी उस समय विश्वविद्यालय के विज़िटर (Visitor) थे।
जांच शिलॉन्ग CID पुलिस स्टेशन में दर्ज शिकायत से शुरू हुई।
इससे पहले की कुर्की
ईडी इससे पहले भी विभिन्न समय पर संपत्तियों को जब्त कर चुकी है:
-
मार्च 2017: ₹27.66 करोड़
-
नवंबर 2021: ₹13.54 करोड़
-
जुलाई 2024: ₹7.56 करोड़
-
दिसंबर 2024: तीन दिनों की तलाशी के बाद ₹1.15 करोड़ का बैंक बैलेंस ज़ब्त
सुप्रीम कोर्ट ने दिया था विश्वविद्यालय को भंग करने का आदेश
फरवरी 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने सीएमजे यूनिवर्सिटी को भंग करने का आदेश दिया। इसके बाद मेघालय सरकार ने शिक्षा संयुक्त सचिव डी. लिंगदोह को प्रशासक नियुक्त किया ताकि विश्वविद्यालय को कानूनी रूप से बंद किया जा सके।