गाज़ा सिटी | 22 जुलाई 2025
गाज़ा पट्टी में मंगलवार को एक अभूतपूर्व विरोध प्रदर्शन देखने को मिला, जब सैकड़ों स्थानीय नागरिक—बच्चे, बुज़ुर्ग और युवा—सड़कों पर उतर आए और हमास के खिलाफ खुलेआम नारेबाज़ी की। दक्षिणी गाज़ा के खान यूनिस इलाके में हुए इस प्रदर्शन में लोगों ने “हमास आउट” और “खून का सौदा बंद करो” जैसे तीखे नारे लगाए। यह विरोध उस क्षेत्र में बेहद असामान्य माना जा रहा है, जहां हमास का कठोर नियंत्रण है।
प्रदर्शनकारियों की मांग: युद्ध रोको, शांति लाओ
प्रदर्शन के दौरान लोगों के हाथों में पोस्टर और तख्तियां थीं, जिन पर लिखा था:
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“युद्ध बंद करो”
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“हमास, हमारे खून का सौदा मत करो”
स्थानीय मीडिया द्वारा जारी फुटेज में प्रदर्शनकारियों को ज़ोरदार स्वर में हमास के खिलाफ नारे लगाते हुए देखा और सुना गया। यह स्पष्ट संकेत है कि गाज़ा की आम जनता अब निरंतर संघर्ष और मानवाधिकार हनन से तंग आ चुकी है।
हमास की सत्ता को पहली बार खुली चुनौती
टाइम्स ऑफ इज़राइल के मुताबिक, यह प्रदर्शन इसलिए भी अहम है क्योंकि मार्च और अप्रैल 2025 में जब गाज़ा के लोगों ने हालात के खिलाफ आवाज़ उठाई थी, तो हमास ने उन प्रदर्शनों को बेरहमी से कुचल दिया था। उसके बाद यह पहली बार है जब गाज़ा की सड़कों पर फिर से हमास विरोधी प्रदर्शन सामने आया है।
मानवाधिकार संकट और थकी हुई जनता
गाज़ा इस समय गहरे मानवीय संकट से गुजर रहा है:
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बिजली और पानी की भारी किल्लत
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भोजन और दवाओं की कमी
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लगातार संघर्ष में हज़ारों नागरिकों की मौत
इन विकट परिस्थितियों में आम नागरिकों का यह विरोध प्रदर्शन इस ओर इशारा करता है कि हमास की नीतियों और युद्ध नीति के प्रति लोगों में मोहभंग बढ़ रहा है।
एक बड़ा और असामान्य घटनाक्रम
हमास के खिलाफ गाज़ा में, वह भी उस क्षेत्र में जो उसके पूर्ण नियंत्रण में है, खुलकर विरोध प्रदर्शन होना बेहद असामान्य घटना है। यह न सिर्फ हमास के प्रति जनसमर्थन में आई दरार को दर्शाता है, बल्कि यह भी बताता है कि युद्ध से थकी हुई जनता अब स्थायी शांति और बदलाव चाहती है।