पटना, 21 जुलाई 2025: बिहार विधानसभा का मानसून सत्र आज से शुरू हो गया है, और पहले ही दिन विपक्षी दलों के जोरदार विरोध प्रदर्शन ने इसे बेहद हंगामेदार बना दिया। विपक्ष के नेताओं ने कानून-व्यवस्था, वोटर लिस्ट से नाम कटने, और मंत्रिमंडल में "दागी" नेताओं की नियुक्ति जैसे मुद्दों को लेकर नीतीश सरकार को घेरा।
सदन के बाहर तख्तियों के साथ विरोध प्रदर्शन
महागठबंधन के नेताओं ने विधानसभा परिसर के बाहर हाथों में तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया, जिन पर “बिहार में गुंडा राज” जैसे नारे लिखे थे। राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने बीजेपी पर तीखा हमला करते हुए कहा कि “अगर बीजेपी चाहे तो हत्याएं रुक सकती हैं।" उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार में दागी मंत्रियों को शामिल किया गया है और आम जनता असुरक्षित महसूस कर रही है।
वोटर लिस्ट पर विपक्ष का सवाल
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने विधानसभा परिसर में महागठबंधन की बैठक के बाद कहा कि "मतदाता सूची में नाम काटने की साजिश पर सदन में चर्चा होनी चाहिए, वरना इसके गंभीर नतीजे होंगे।" तेजस्वी ने विधानसभा अध्यक्ष से इस मुद्दे को प्राथमिकता देने की मांग की और चेताया कि यदि इसे नजरअंदाज किया गया, तो लोकतांत्रिक जवाब मिलेगा।
विधान परिषद में पेश हुआ हिन्दू धार्मिक न्यास संशोधन विधेयक
विधान परिषद में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने हिन्दू धार्मिक न्यास संशोधन विधेयक, 2025 पेश किया। इसके बाद शोक प्रस्ताव के दौरान कार्यवाही को स्थगित कर दिया गया।
सदन की कार्यवाही मंगलवार तक स्थगित
सदन में हो रहे हंगामे को देखते हुए कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है। यह सत्र पांच दिनों तक चलेगा जिसमें सरकार करीब 12 विधेयक पेश करने की योजना में है। इनमें से कई विधेयक युवाओं, किसानों और बेरोजगारों से जुड़े हुए हैं।