बरही (झारखंड), 22 जुलाई 2025 — झारखंड के हजारीबाग ज़िले के बरही थाना क्षेत्र अंतर्गत जरहिया गांव में अंधविश्वास की आड़ में दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। गांव के सात लोगों ने एक महिला को 'डायन' बताकर बेरहमी से पीटा, निर्वस्त्र कर अपमानित किया और फिर सिर मुंडवाकर कथित 'डायन बिसाही' कर्मकांड करवाया। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि छह अन्य अब भी फरार हैं।
क्या है पूरा मामला?
पीड़िता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 18 जुलाई की रात करीब 10 बजे ग्राम जरहिया निवासी सुरेश यादव, विनोद यादव, मनी यादव, शंभू यादव, मनोरमा देवी, किरण देवी और खाड़ी चंदवारा गांव के महावीर पांडे जबरन उसके घर में घुस आए। इन लोगों ने महिला पर डायन होने का आरोप लगाया और फिर उसे निर्वस्त्र कर बेरहमी से पीटा।
1 लाख रुपये की जबरन वसूली
महिला के अनुसार, आरोपियों ने 'डायन बिसाही' कर्मकांड के लिए 1 लाख रुपये की मांग की। उस वक्त घर में रखे 20 हजार रुपये आरोपी विनोद यादव को दे दिए गए। अगले दिन 19 जुलाई की तड़के आरोपियों ने महिला को जबरन बोलेरो गाड़ी में बिठाकर बिहार के गया स्थित प्रेतशिला ले गए, जहां उसका सिर मुंडवाया गया और कथित कर्मकांड कराया गया।
वहीं, आरोपियों ने शेष 80 हजार रुपये की मांग की। महिला ने विनोद यादव के फोन से अपने बेटे को कॉल कर पैसे भेजने को कहा और तय रकम ट्रांसफर करवा दी। पूरी घटना के बाद रात करीब 10 बजे महिला को बरही बाज़ार में छोड़ दिया गया और धमकी दी गई कि अगर उसने किसी को कुछ बताया, तो उसे टुकड़े-टुकड़े कर तिलैया डैम में फेंक दिया जाएगा।
पुलिस की कार्रवाई
बरही थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए 7 नामजद आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस ने शंभू यादव को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। शेष छह आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।
कानून और सामाजिक चेतना पर सवाल
इस घटना ने राज्य में महिलाओं के खिलाफ जारी अंधविश्वास आधारित अपराधों पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। झारखंड में डायन प्रथा और उससे जुड़ी हिंसा पर रोक लगाने के लिए पहले भी कानून बनाए गए हैं, लेकिन जमीनी हकीकत में बदलाव की रफ्तार बेहद धीमी नजर आती है।