वाशिंगटन/नई दिल्ली, 1 अगस्त 2025:
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर प्रस्तावित 25% टैरिफ को 7 दिन के लिए टाल दिया है। यह टैरिफ आज, यानी 1 अगस्त से लागू होना था, लेकिन अब यह 7 अगस्त 2025 से प्रभावी होगा। अमेरिका ने 92 देशों पर आयात शुल्क की नई सूची जारी की है, जिसमें भारत, पाकिस्तान, कनाडा, सीरिया, लाओस, म्यांमार जैसे देश शामिल हैं।
चौंकाने वाली बात यह है कि चीन का नाम इस नई टैरिफ लिस्ट में शामिल नहीं है।
कनाडा पर सबसे बड़ा झटका: 35% टैरिफ आज से लागू
अमेरिका ने कनाडा पर तत्काल प्रभाव से 35% टैरिफ लागू कर दिया है। यह फैसला कनाडा द्वारा फिलिस्तीन को स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता देने के कारण लिया गया है। यह टैरिफ 1 अगस्त की रात से प्रभावी है।
नई टैरिफ लिस्ट में क्या है खास
देश | नया टैरिफ (%) | पहले का टैरिफ (%) |
---|---|---|
भारत | 25% | 10% |
पाकिस्तान | 19% | 29% |
कनाडा | 35% | 15% |
सीरिया | 41% | 35% |
लाओस/म्यांमार | 40-41% | 20-25% |
चीन | लागू नहीं | अलग ऑर्डर के तहत |
भारत पर टैरिफ क्यों?
अमेरिका का दावा है कि भारत रूस से हथियार और तेल खरीदना जारी रखे हुए है, जिससे वैश्विक प्रतिबंध नीति को झटका लगता है। ट्रंप प्रशासन ने भारत पर अतिरिक्त जुर्माना लगाने की भी बात कही है।
भारत के वाणिज्य मंत्रालय ने कहा है कि वे इस निर्णय के प्रभावों का विश्लेषण कर रहे हैं और "राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।"
किन सेक्टर्स पर होगा असर?
भारत पर लगाया गया यह टैरिफ मुख्यतः निम्नलिखित सेक्टरों को प्रभावित कर सकता है:
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स्टील और एल्यूमीनियम
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ऑटोमोबाइल्स
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टेक्सटाइल्स
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ज्वेलरी और इलेक्ट्रॉनिक्स
चीन क्यों नहीं शामिल है?
हालांकि 2025 के मई में Executive Order 14298 के तहत चीन पर विशेष टैरिफ लगे हुए हैं, लेकिन नई टैरिफ लिस्ट में चीन का नाम नहीं है। माना जा रहा है कि अमेरिका अब चीन को अलग निगरानी प्रणाली में रखेगा।
रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिका को शक है कि चीन अपने उत्पादों को लाओस, म्यांमार जैसे देशों के रास्ते भेजकर टैरिफ से बचने की कोशिश कर रहा है।
ट्रैकिंग सिस्टम में बड़ा बदलाव
अमेरिका ने कस्टम सिस्टम को अपग्रेड किया है। अब हर देश के आयात-निर्यात की अलग से ट्रैकिंग होगी। अगर कोई देश गलत मूल देश (Country of Origin) बताता है, तो शिपमेंट को तुरंत फ्लैग किया जा सकेगा।
उदाहरण: अगर कोई शिपमेंट म्यांमार से आ रहा है लेकिन पेपर्स में थाईलैंड लिखा है, तो यह सिस्टम पकड़ सकेगा।
अब तक अमेरिका किन देशों से समझौता कर पाया?
अमेरिका ने 90 दिनों में 90 समझौते करने का लक्ष्य रखा था, लेकिन अब तक केवल 7 देशों से ही डील हो पाई है।
प्रमुख व्यापार समझौते:
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ब्रिटेन: 10% सामान्य टैरिफ; स्टील-एल्यूमिनियम पर 25%
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जापान: 15% टैरिफ (पहले 25% था); $550B निवेश का वादा
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EU: 15% टैरिफ; $750B की एनर्जी डील
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दक्षिण कोरिया: टैरिफ घटाकर 15%; $350B निवेश
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इंडोनेशिया/फिलीपींस/वियतनाम: 19–20% टैरिफ; अमेरिकी सामानों को टैरिफ छूट
विशेष शर्तें:
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जिन वस्तुओं की शिपमेंट अमेरिका की ओर पहले से रास्ते में है, वे 5 अक्टूबर 2025 तक पुराने नियमों पर टैक्स दे सकेंगी।
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EU पर सीधे टैरिफ नहीं लगाया गया; मौजूदा टैरिफ में अतिरिक्त 5% ही जोड़ा जाएगा।
अमेरिका की नई टैरिफ नीति में भारत को कुछ समय की राहत जरूर मिली है, लेकिन बड़ा आर्थिक दबाव अब भी बरकरार है। आने वाले सप्ताह भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों के लिए निर्णायक साबित हो सकते हैं।
ट्रंप की 'अमेरिका फर्स्ट' नीति के नए संस्करण में हर देश के लिए अलग गणित तैयार किया जा रहा है, जिसमें व्यापारिक रणनीति, कूटनीति और राजनीति की जटिल परतें शामिल हैं।