जयपुर, 15 जुलाई 2025:
राजस्थान में मानसून के कहर ने जानलेवा रूप ले लिया है। सोमवार को राज्य के कई जिलों में भारी बारिश हुई, जिससे बाढ़ जैसे हालात बन गए। चित्तौड़गढ़, कोटा, प्रतापगढ़, चूरू, पाली और भरतपुर में डूबने, करंट लगने, बिजली और बिल्डिंग गिरने जैसी घटनाओं में 12 लोगों की मौत हो चुकी है।
कोटा में चंबल नदी में 7 लोग बह गए, जिनमें से 1 को बचा लिया गया, जबकि 6 अब भी लापता हैं। राहत और बचाव कार्य जारी है।
📍 प्रमुख घटनाएं:
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चित्तौड़गढ़: निलिया महादेव झरने में पिकनिक मनाने आए 3 छात्रों की डूबने से मौत।
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कोटा: निमोदा हरिजी गांव के पास चंबल नदी में बहे 7 लोग; SDRF ने एक को बचाया।
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पाली: लगातार बारिश से रेलवे लाइन की मिट्टी बह गई, रेल यातायात प्रभावित, दो ट्रेनों का रूट बदला गया।
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जोधपुर: स्टेशन परिसर में जलभराव, स्कूलों में छुट्टियां।
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चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, चूरू, भरतपुर: बिजली गिरने और भवन ढहने से मौतें दर्ज।
📚 स्कूलों की छुट्टियां घोषित:
पाली और कोटा जिलों में 15 जुलाई को सभी सरकारी और निजी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है। कई निजी स्कूलों ने अभिभावकों को मैसेज भेजकर छात्रों को घर पर रहने की सलाह दी है।
☔ 24 घंटे में कहां कितनी बारिश हुई:
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चित्तौड़गढ़ (भैंसरोडगढ़): 174 मिमी
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भीलवाड़ा (बिजौलिया): 172 मिमी
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टोंक (दूनी): 146 मिमी
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कोटा (मंडाना): 111 मिमी
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जयपुर (माधोराजपुरा): 52 मिमी
राज्य में अब तक इस मानसून सीजन में 102% अधिक वर्षा हो चुकी है। 1 जून से 13 जुलाई तक सामान्य तौर पर 107 मिमी बारिश होती है, जबकि इस बार अब तक 216.8 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई है।
⚠️ मौसम विभाग का अलर्ट:
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3 जिलों में रेड अलर्ट (अतिभारी बारिश की संभावना)
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10 जिलों में ऑरेंज अलर्ट
🛑 प्रशासन सतर्क, लेकिन हालात गंभीर:
पाली के जिला कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि जहां बच्चों को स्कूल आने में परेशानी हो रही है, वहां विद्यालय स्वत: अवकाश घोषित करें। SDRF, NDRF और लोकल पुलिस की टीमें प्रभावित इलाकों में तैनात हैं।