गोरखपुर, उत्तर प्रदेश | 24 जुलाई 2025:
उत्तर प्रदेश पुलिस की 26वीं बटालियन, पीएसी गोरखपुर में महिला पुलिस प्रशिक्षुओं ने बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर बुधवार सुबह जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। लगभग 600 महिला प्रशिक्षुओं ने प्रशिक्षण केंद्र की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए सड़क पर उतरकर धरना दिया, जहां कई छात्राएं फूट-फूट कर रोती नजर आईं।
प्रशिक्षुओं का आरोप है कि जहां केंद्र की क्षमता महज 300 लोगों की है, वहां 600 से अधिक प्रशिक्षुओं को रखा गया है। पीने के पानी, भोजन, शौचालय और स्वास्थ्य सुविधाओं की गंभीर कमी की वजह से उनकी दिनचर्या प्रभावित हो रही है।
प्रमुख आरोप और हालात:
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पानी की गंभीर किल्लत: एक प्रशिक्षु को दिनभर में केवल 500 एमएल पानी ही उपलब्ध कराया जा रहा है।
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शौचालयों की संख्या कम: बाथरूम के लिए लंबी कतार लगानी पड़ती है, कई बार खुले में स्नान करने की नौबत आती है।
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भोजन में लापरवाही: समय पर खाना नहीं दिया जा रहा, जिससे डिहाईड्रेशन और कमजोरी की शिकायतें बढ़ीं।
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व्यवहार में अपमानजनक भाषा: प्रशिक्षुओं का कहना है कि शिकायत करने पर उन्हें गालियां सुननी पड़ती हैं।
प्रदर्शन और प्रशासन की प्रतिक्रिया:
प्रशिक्षुओं ने पहले प्रशिक्षण कैंप के प्रशासनिक भवन के बाहर प्रदर्शन किया और फिर मुख्य सड़क पर धरने पर बैठ गईं। इस दौरान कई प्रशिक्षुओं ने फोन पर अपने माता-पिता को रोते हुए अपनी पीड़ा साझा की।
प्रदर्शन के दौरान एक प्रशिक्षु बेहोश हो गई, जिसके बाद उसे एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजा गया। बाद में जानकारी मिली कि पांच प्रशिक्षुओं को डिहाईड्रेशन और तनाव के चलते भर्ती कराया गया है।
प्रशासन मौके पर पहुंचा और लगातार प्रशिक्षुओं से अंदर चलकर बात करने और समस्याओं का समाधान करने का आश्वासन देता रहा। कुछ देर बाद छात्राएं कैंप में वापस गईं।
अधिकारियों की प्रतिक्रिया का इंतजार:
अब तक पीएसी प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास किए जा रहे हैं और उच्च स्तर पर इस मामले की जानकारी भेजी गई है।
पृष्ठभूमि:
गौरतलब है कि 21 जुलाई 2025 से उत्तर प्रदेश में महिला पीएसी प्रशिक्षुओं की अलग-अलग स्थानों पर ट्रेनिंग शुरू हुई है। गोरखपुर स्थित इस केंद्र में बड़ी संख्या में प्रशिक्षु भेजे गए हैं, लेकिन संवेदनशील प्रबंधन और सुविधाओं की भारी कमी के चलते यह विवाद सामने आया है।