भोपाल, 31 जुलाई 2025:
मध्य प्रदेश विधानसभा का एक दृश्य आज विशेष रूप से ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रहा जब सदन में संस्कृत भाषा में प्रश्न पूछा गया और उत्तर भी संस्कृत में ही दिया गया। जबलपुर उत्तर से भाजपा विधायक अभिलाष पांडे ने सरकार से संस्कृत भाषा के संरक्षण और संवर्धन को लेकर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के तहत संस्कृत में प्रश्न रखा।
जवाब में स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने भी संस्कृत में उत्तर देना शुरू किया, जिसे सुनकर सदन में मौजूद सभी सदस्यों ने मेजें थपथपाकर इस पहल की सराहना की।
संस्कृत भाषा पर सरकार के प्रयास
मंत्री उदय प्रताप सिंह ने अपने उत्तर में बताया कि राज्य सरकार द्वारा:
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महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान की स्थापना
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चार आदर्श आवासीय संस्कृत विद्यालयों की स्थापना
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271 स्कूलों में संस्कृत पढ़ाई जा रही है
जैसे कदम उठाए गए हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि 2024-25 में 3500 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति भी प्रदान की गई है।
विधायक पांडे ने यह मुद्दा भी उठाया कि संस्कृत को व्यावसायिक और बोलचाल की भाषा के रूप में बढ़ावा देने की दिशा में पर्याप्त प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। उन्होंने सरकार से पूछा कि क्या वह संस्कृत दिवस या संस्कृत सप्ताह मनाने की योजना बना रही है?
इसके जवाब में मंत्री ने बताया कि सरकार हर जिले में संस्कृत, वैदिक शिक्षा और योग संस्थानों की स्थापना करने की योजना पर कार्य कर रही है।
संस्कृत शिक्षा को लेकर गोपाल भार्गव की चिंता
भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव ने सरकार से आग्रह किया कि वे संस्कृत शिक्षण संस्थानों को वित्तीय सहायता दें। उन्होंने कहा कि वे स्वयं एक संस्कृत महाविद्यालय चला रहे हैं, जिसे पिछले 22 वर्षों से कोई आर्थिक सहायता नहीं मिली।