शिमला | 30 जुलाई 2025 – हिमाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। बीती रात से हो रही लगातार वर्षा के कारण राज्य में बिजली, पानी और यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। चंबा, मंडी और कांगड़ा जैसे जिलों में हालात सबसे अधिक गंभीर हैं। मौसम विभाग ने प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में आज भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं, 31 जुलाई से 5 अगस्त तक के लिए येलो अलर्ट भी लागू किया गया है।
चंबा और मंडी में हालात भयावह
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, अब तक 343 सड़कों पर यातायात पूरी तरह से बाधित हो चुका है। इनमें से 217 सड़कें मंडी, 53 चंबा और 47 कुल्लू जिले में बंद हैं। चंबा जिले में 279 ट्रांसफॉर्मर और 80 पेयजल योजनाएं ठप होने से कई इलाकों में अंधेरा छा गया है।
वहीं मंडी में 986 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिनमें से 376 पूरी तरह ढह गए हैं। मंडी में सबसे अधिक 35 लोगों की मौत हुई है और 27 लोग लापता हैं।
बारिश से जनजीवन बेहाल
राज्यभर में 551 बिजली ट्रांसफार्मर और 186 पानी की योजनाएं बंद हो चुकी हैं। कुल्लू में 111 ट्रांसफॉर्मर, जबकि मंडी में 155 ट्रांसफॉर्मर क्षतिग्रस्त हैं। नदी-नालों का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर रहा है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी किनारों से दूर रहें। पंडोह डैम से पानी छोड़े जाने की चेतावनी भी दी गई है।
किन्नर कैलाश यात्रा स्थगित
किन्नौर जिले में खराब मौसम और मार्ग की असुरक्षा के चलते किन्नर कैलाश यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। यात्रा तब ही फिर से शुरू की जाएगी जब मौसम और रास्ते दोनों अनुकूल घोषित किए जाएंगे।
अब तक का भारी नुकसान
-
170 लोगों की मौत
-
278 घायल, 36 लापता
-
1352 मकानों को नुकसान, जिनमें 469 घर पूरी तरह ढहे
-
21,500 पोल्ट्री पक्षियों और 1402 मवेशियों की मौत
-
103 मौतें – भूस्खलन, बादल फटने और फ्लैश फ्लड से
-
43 बार फ्लैश फ्लड, 34 भूस्खलन, 26 बादल फटने की घटनाएं
प्रशासन अलर्ट मोड में
राज्य सरकार और प्रशासन ने राहत-बचाव कार्यों के लिए एनडीआरएफ, लोक निर्माण विभाग, और स्थानीय टीमों को सक्रिय कर दिया है। सभी जिलों में निगरानी की जा रही है और हाई अलर्ट घोषित किया गया है।