नई दिल्ली, 14 जुलाई 2025 — रेलवे यात्रियों की सुरक्षा और निगरानी को और अधिक मजबूत बनाने के लिए भारतीय रेलवे ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब देशभर के सभी 74,000 यात्री डिब्बों और 15,000 लोकोमोटिव इंजनों में उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। यह निर्णय रेलवे सुरक्षा मानकों को डिजिटल और तकनीकी रूप से मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल मानी जा रही है।
हर डिब्बे में होंगे 4 कैमरे, इंजनों में 6 कैमरे
रेल मंत्रालय द्वारा जारी सूचना के अनुसार, हर यात्री डिब्बे में 4 कैमरे, और प्रत्येक लोकोमोटिव (इंजन) में 6 कैमरे लगाए जाएंगे। इन कैमरों को इस तरह से इंस्टॉल किया जाएगा कि वे कोच के हर कोने की निगरानी कर सकें — चाहे वह यात्री प्रवेश द्वार हो, गलियारे हों या सीटिंग एरिया।
इसी तरह, इंजनों में लगाए जाने वाले 6 कैमरे ड्राइवर के केबिन, आगे और पीछे के ट्रैक, और उपकरणों पर नजर बनाए रखने में मदद करेंगे।
तेज गति और कम रोशनी में भी क्लियर रिकॉर्डिंग
इस नई प्रणाली की खास बात यह होगी कि कैमरे 100 किमी प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार पर चलती ट्रेनों में भी हाई-रेज़ोलूशन वीडियो रिकॉर्ड करने में सक्षम होंगे। इसके अलावा, ये कैमरे लो-लाइट (कम रोशनी) की स्थिति में भी साफ और स्पष्ट फुटेज उपलब्ध कराएंगे, जिससे रात के समय भी सुरक्षा में कोई समझौता नहीं होगा।
डेटा स्टोरेज और रियल-टाइम निगरानी
रेलवे के अनुसार, कैमरों से मिलने वाले वीडियो फुटेज को एक सुरक्षित डिजिटल स्टोरेज सिस्टम में सेव किया जाएगा, जिसकी मॉनिटरिंग रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और अन्य अधिकृत अधिकारी कर सकेंगे।
भविष्य में रेलवे की योजना AI आधारित निगरानी तकनीक जोड़ने की भी है, जिससे संदिग्ध गतिविधियों को तुरंत ट्रैक और रिपोर्ट किया जा सके।
क्या होगा फायदा?
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महिलाओं की सुरक्षा को मिलेगा बड़ा समर्थन
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चोरी, छेड़खानी और हिंसक घटनाओं में कमी आने की उम्मीद
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ड्राइवर और रेलवे स्टाफ की कार्यप्रणाली की पारदर्शिता बढ़ेगी
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दुर्घटना या विवाद की स्थिति में वीडियो सबूत की उपलब्धता सुनिश्चित होगी
रेलवे बोर्ड का बयान
रेलवे बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा:
“हमारा उद्देश्य यात्रियों को न सिर्फ बेहतर सुविधाएं देना है, बल्कि उनकी सुरक्षा को भी सर्वोच्च प्राथमिकता देना है। यह सीसीटीवी प्रोजेक्ट ‘स्मार्ट रेलवे, सेफ रेलवे’ विजन का हिस्सा है।”
प्रोजेक्ट रोलआउट: चरणबद्ध प्रक्रिया
इस परियोजना को फेज़ वाइज़ लागू किया जाएगा। पहले चरण में राजधानी, शताब्दी और वंदे भारत जैसी प्रमुख ट्रेनों के कोचों और इंजनों में कैमरे लगाए जाएंगे, इसके बाद धीरे-धीरे सभी मेल/एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों को कवर किया जाएगा।