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मध्य प्रदेश

विहिप की भोपाल बैठक संपन्न: मंदिरों की स्वाधीनता और समाज को तोड़ने वाली शक्तियों के विरुद्ध एकजुटता का आह्वान

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भोपाल - विश्व हिंदू परिषद (विहिप) मध्यभारत प्रांत की दो दिवसीय प्रांतीय बैठक रविवार, अगस्त 2025 को भोपाल स्थित शारदा विहार, केरवा डैम परिसर में संपन्न हुई। बैठक में मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त कराने, समाज में एकता बनाए रखने और नशा मुक्त युवा अभियान को तेज़ करने जैसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए।

विहिप के केंद्रीय मंत्री श्री अजय पारीख ने बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए कहा कि हिंदू समाज अब मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त कराकर ही रहेगा। यह केवल आस्था का नहीं, आत्म-सम्मान और स्वतंत्रता का विषय है।

विभाजनकारी प्रवृत्तियों को देंगे करारा जवाब

बैठक में जाति, भाषा, प्रांत, लिंग और क्षेत्र के आधार पर हिंदू समाज को विखंडित करने की प्रवृत्तियों के विरुद्ध एक मजबूत प्रस्ताव पारित किया गया। इसमें संत समाज, सामाजिक संगठनों और सभी हिंदू नागरिकों से आह्वान किया गया कि वे विघटनकारी मानसिकताओं को पहचानें और समाज के आंतरिक भेदभावों को समाप्त कर एकजुट रहें।

प्रांत अध्यक्ष श्री नवल भदौरिया ने कहा,

"कभी पीडीए, कभी मीम-भीम, तो कभी आर्य-द्रविड़ जैसे एजेंडा चलाकर समाज को बांटने का षड्यंत्र रचा जा रहा है। हमारा स्पष्ट संकल्प है — 'हिन्दवः सोदरा सर्वे, न हिन्दू पतितो भवेत्'।"

उन्होंने कहा कि विहिप इन चालों को नाकाम करने के लिए कार्यकर्ताओं को संगठित कर रही है।

'संगठित हिंदू ही समाधान': जलगांव प्रस्ताव पर बल

बैठक में जलगांव में पारित विहिप की केंद्रीय समिति के प्रस्ताव का उल्लेख करते हुए कहा गया कि हिंदू समाज को तोड़ने में विस्तारवादी चर्च, कट्टरपंथी इस्लाम, मार्क्सवादी व बाजारवादी ताकतें, और उनसे पोषित संगठनों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इनकी मंशा न केवल हिंदू समाज को खंडित करने की है, बल्कि भारत की जड़ों पर भी आघात करने की है।

विहिप ने समाज से आग्रह किया कि वह इन शक्तियों को पहचानकर अपने भीतर मौजूद भेदभावों को समाप्त करे और एक शक्तिशाली, संगठित रूप में खड़ा हो।

मंदिरों की स्वाधीनता के लिए चरणबद्ध अभियान

प्रांत संगठन मंत्री श्री सुरेन्द्र सिंह ने बताया कि मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त कराने हेतु एक विस्तृत रणनीति तैयार की गई है। इसके अंतर्गत:

  • 7 से 21 सितंबर तक विभिन्न राज्यों में मुख्यमंत्रियों को ज्ञापन सौंपे जाएंगे।

  • महानगरों में प्रबुद्ध जन सभाएं आयोजित कर जन समर्थन जुटाया जाएगा।

  • राज्य विधानसभाओं के सत्र के दौरान विधायकों से संवाद कर सरकारों पर दबाव डाला जाएगा।

नशा मुक्त युवा अभियान पर भी जोर

बैठक में नशा मुक्त युवाओं के निर्माण को लेकर भी संकल्प लिया गया। विहिप के अनुसार, भारत का भविष्य सशक्त और संस्कारित युवाओं के हाथों में है, जिन्हें नशे और विकृति से दूर रखने के लिए सामाजिक व सांस्कृतिक संगठनों को सक्रिय होना होगा।

146 पदाधिकारियों की सहभागिता

इस द्विदिवसीय बैठक में मध्यभारत प्रांत के 146 विहिप पदाधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में विहिप के विभिन्न आयामों — बजरंग दल, दुर्गा वाहिनी, मातृ शक्ति, धर्मप्रसार, समरसता, सेवा और मठ-मंदिर आदि के प्रांत प्रमुखों ने अपनी गतिविधियों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।

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