नई दिल्ली। फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनांड आर. मार्कोस जूनियर मंगलवार को भारत की राजकीय यात्रा पर पहुंचे। राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में हुए भव्य स्वागत समारोह के दौरान उन्होंने भारत के साथ द्विपक्षीय साझेदारी को और मज़बूत करने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि यह यात्रा भारत-फिलीपींस साझेदारी को फिर से पुष्ट करने और नई संभावनाओं को तलाशने का अवसर है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका भव्य स्वागत किया। इस दौरान मार्कोस को गॉर्ड ऑफ ऑनर भी प्रदान किया गया।
"इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में हमारी साझेदारी और भी अहम"
समारोह के दौरान संक्षिप्त बयान में राष्ट्रपति मार्कोस ने कहा:
"मुझे लगता है कि यह भारत के साथ हमारे गठबंधन और साझेदारी की पुन: पुष्टि है, जिसे हम और भी मजबूत बना रहे हैं। पहले हम इस क्षेत्र को एशिया-पैसिफिक कहते थे, लेकिन अब हम इसे इंडो-पैसिफिक कहते हैं, जो कि बदलती वैश्विक राजनीति, व्यापार और अर्थव्यवस्था के परिप्रेक्ष्य में एक उचित विकास है।"
उन्होंने यह भी कहा कि वह भारत के साथ पहले से स्थापित संबंधों को और आगे बढ़ाना चाहते हैं, साथ ही बीते वर्षों में उत्पन्न हुई नई तकनीकों और वैश्विक परिस्थितियों के कारण सामने आईं संभावनाओं का दोहन भी करना चाहते हैं।
75वीं वर्षगांठ के अवसर पर भारत दौरा
राष्ट्रपति मार्कोस की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है, जब भारत और फिलीपींस अपने द्विपक्षीय संबंधों की 75वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। वह 4 अगस्त को भारत पहुंचे हैं और यह यात्रा 5 दिनों तक चलेगी। मंगलवार को ही उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक भी प्रस्तावित है।
भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, यह यात्रा भविष्य की द्विपक्षीय सहयोग की दिशा तय करने और क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर आपसी हितों की साझेदारी को सुदृढ़ करने का एक अहम अवसर है।
मुख्य बिंदु:
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राष्ट्रपति भवन में हुआ भव्य स्वागत, गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया
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मार्कोस ने इंडो-पैसिफिक साझेदारी को बताया समय की मांग
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भारत-फिलीपींस संबंधों की 75वीं वर्षगांठ पर हो रही है यह यात्रा
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प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मार्कोस के बीच आज द्विपक्षीय वार्ता
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द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर सहयोग को मिलेगा नया आयाम