शहडोल, मध्यप्रदेश
मध्यप्रदेश के शहडोल जिले में सीवर लाइन बिछाने के दौरान गंभीर लापरवाही के चलते दो मजदूरों की मिट्टी में दबकर मौत हो गई। हादसे के बाद ठेका कंपनी पीसी स्नेहल के अधिकारी और कर्मचारी मौके से फरार हो गए।
बिना सुरक्षा मानकों के हो रहा था काम
शहडोल की कोनी बस्ती में संकरी सड़क पर लगभग 10 फीट गहरी खुदाई चल रही थी। बारिश के मौसम और कमजोर मिट्टी के बीच मजदूरों को बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के नाली में उतारा गया। दोपहर करीब 12 बजे महिपाल बैगा और मुकेश बैगा नाली की सफाई के लिए नीचे उतरे, तभी मिट्टी धसक गई और दोनों दब गए।
स्थानीय लोगों के अनुसार, कई बार अधिकारियों को चेताया गया था कि ऐसी स्थिति में काम रोकना चाहिए, लेकिन कंपनी के कर्मचारी काम जारी रखने पर अड़े रहे।
हादसे के बाद अधिकारी मौके से भागे
हादसे के तुरंत बाद कंपनी के इंजीनियर, सुपरवाइज़र और अन्य मजदूर मौके से भाग खड़े हुए। स्थानीय लोगों ने महिपाल को बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन मिट्टी फिर से धंस गई जिससे वह दोबारा दब गया।
घंटों की मशक्कत के बाद निकाले गए शव
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और SDRF की टीम मौके पर पहुंची। लगभग 6 घंटे की कोशिशों के बाद महिपाल का शव बाहर निकाला गया।
वहीं मुकेश का शव, जो लगभग 13 फीट गहराई में दबा था, उसे निकालने के लिए SECL (साउथ ईस्टर्न कोल फील्ड्स लिमिटेड) की मदद ली गई। रात करीब 10:30 बजे मुकेश का शव भी बाहर लाया गया।
स्थानीय नागरिकों की लंबे समय से थी शिकायत
शहर में सीवर लाइन का काम MPUDCL (मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड) के अंतर्गत किया जा रहा है, जिसे गुजरात की पीसी स्नेहल कंपनी को ठेके पर सौंपा गया है।
स्थानीय लोगों ने पहले भी शिकायत की थी कि कंपनी द्वारा खोदी गई सड़कों को सही तरीके से भराव नहीं किया जाता, जिससे गाड़ियाँ मिट्टी में धंसती हैं और दुर्घटनाएं होती हैं।
अब दो लोगों की जान जाने के बाद प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं कि इतने गंभीर प्रोजेक्ट में सुरक्षा की अनदेखी कैसे की जा रही है।