जबलपुर (मध्यप्रदेश): जबलपुर जिले के सिहोरा तहसील अंतर्गत महगवां-केवलारी और बेला गांव के बीच जमीन के नीचे सोने के भंडार की पुष्टि होने से पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (GSI) और अन्य वैज्ञानिक संस्थाओं द्वारा की गई महीनों की जाँच के बाद लगभग 100 हेक्टेयर भूमि में सोने के कण और धातु की उपस्थिति की पुष्टि हुई है।
यह इलाका अब तक लोहा (Iron Ore) के लिए प्रसिद्ध रहा है, लेकिन अब यहां सोने की संभावनाएं भी उभर कर सामने आई हैं, जिससे क्षेत्र में खनिज समृद्धि की एक नई उम्मीद जगी है।
अब तक क्या हुआ?
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GSI की टीम ने पिछले कई महीनों से महगवां-केवलारी और बेला के पास सर्वेक्षण किया।
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सर्वे के दौरान कई स्थानों से सोने के अंश और धातुएं मिलीं।
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शुरुआती रिपोर्ट्स में बताया गया है कि करीब 100 हेक्टेयर क्षेत्र में सोने की मौजूदगी पाई गई है।
खनन पर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं
हालांकि सोने की मौजूदगी की पुष्टि हो चुकी है, लेकिन खनन कार्य कब और कैसे शुरू होगा, इसको लेकर अभी तक कोई औपचारिक निर्णय नहीं लिया गया है। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार की अनुमति, पर्यावरण मंजूरी और टेक्निकल स्टडीज़ का इंतजार किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों में उत्साह
इस खबर के बाद सिहोरा क्षेत्र के ग्रामीणों और स्थानीय प्रशासन में काफी उत्साह देखा जा रहा है। लोगों को उम्मीद है कि यदि खनन शुरू होता है तो स्थानीय रोजगार, विकास और बुनियादी सुविधाओं में तेजी आएगी।