मंदसौर/भोपाल: राजस्थान के प्रतापगढ़ में आए भूकंप के झटकों का असर गुरुवार सुबह मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में भी महसूस किया गया। सुबह करीब 10:00 बजे मंदसौर के मल्हारगढ़, पिपलिया मंडी और अन्य क्षेत्रों में अचानक धरती हिलने से लोग घरों से बाहर निकल आए और पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
रिक्टर स्केल पर तीव्रता 3.9 दर्ज
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.9 मापी गई। भूकंप का केंद्र राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले में था, जो मंदसौर से मात्र 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इसी कारण मंदसौर में भी झटकों का हल्का असर देखा गया।
इन इलाकों में महसूस किए गए झटके
भूकंप के झटके मंदसौर के नई आबादी, सदर बाजार, एरियापति, वाटर वर्क्स, बड़ा बाग कॉलोनी, मानपुर समेत कई क्षेत्रों में महसूस किए गए। झटकों का अनुभव होते ही लोग घरों से बाहर निकल आए और एक बार फिर वर्ष 2000 में आए भूकंप की यादें ताजा हो गईं।
प्रशासन ने की सतर्कता की अपील
मंदसौर की जिला कलेक्टर डॉ. अंजलि राजोरिया ने पुष्टि की कि जिले के कुछ हिस्सों में भूकंप के झटके दर्ज किए गए हैं। उन्होंने बताया कि सभी संबंधित विभागों को सतर्क कर दिया गया है, और आमजन से संयम व सावधानी बरतने की अपील की है।
डॉ. राजोरिया ने यह भी कहा कि भूकंप के बाद आफ्टरशॉक्स (पश्च झटकों) की आशंका बनी रहती है, ऐसे में लोगों को सजग रहना चाहिए और अफवाहों से बचते हुए सिर्फ अधिकृत सूचनाओं पर ही भरोसा करना चाहिए।
भूकंप की स्थिति में क्या करें, क्या न करें
सुरक्षा के लिए ज़रूरी सावधानियां:
-
घर के भीतर हों तो मजबूत मेज या फर्नीचर के नीचे छिपें, सिर और गर्दन को हाथों से ढकें।
-
अगर ऐसा स्थान न हो, तो आंतरिक दीवार के कोने में बैठकर सुरक्षित रहें।
-
खुले मैदान में हों तो इमारतों, पेड़ों, बिजली के तारों और खंभों से दूर रहें।
-
वाहन चला रहे हों तो वाहन को सुरक्षित स्थान पर रोकें और अंदर ही रहें।
-
लिफ्ट का उपयोग बिल्कुल न करें।
कोई जनहानि नहीं, पर दहशत बरकरार
अब तक किसी प्रकार की जनहानि या संपत्ति को नुकसान की सूचना नहीं मिली है। हालांकि, भूकंप के झटकों के बाद नागरिकों में दहशत का माहौल है और प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।