छतरपुर |
मध्यप्रदेश में मानसून ट्रफ और डिप्रेशन के चलते कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। सबसे ज्यादा असर छतरपुर और टीकमगढ़ जिलों में देखने को मिल रहा है, जहां तेज बारिश के चलते गांव जलमग्न हो गए और दो लोगों की मौत हो गई है। बारिश के कारण रीवा, सतना, डिंडौरी, मऊगंज और टीकमगढ़ में आज स्कूल बंद कर दिए गए हैं।
बारिश का कहर: आंकड़े और असर
बीते 24 घंटों में छतरपुर जिला सबसे ज्यादा प्रभावित रहा।
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खजुराहो में 6 इंच
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नौगांव में 5.2 इंच
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सतना में 5.7 इंच
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टीकमगढ़ में 3.6 इंच
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रीवा में 2.3 इंच
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ग्वालियर में 1.8 इंच
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पचमढ़ी में 1 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई।
तेज बारिश के कारण रनगुवां डैम के सभी 12 और कुटनी बांध के 7 गेट खोलने पड़े। बानसूजारा बांध में जलस्तर बढ़ने के कारण गुरुवार देर रात 3 गेट खोलकर 180 क्यूमेक्स पानी छोड़ा गया।
रेस्क्यू और जानमाल का नुकसान
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छतरपुर जिले के एक गांव में बारिश से दो मकान गिर गए।
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एक हादसे में बेटी की मौत हो गई और मां घायल हुई।
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दूसरे हादसे में एक युवक की जान चली गई।
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धामची गांव में उर्मिल नदी का पानी घुस गया।
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200 से अधिक परिवार प्रभावित हुए और
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15 लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित निकाला गया।
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टीकमगढ़ के पूनौल नाले में उफान आने से पुल पर 3 फीट पानी बह रहा है।
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झांसी हाईवे पर ट्रैफिक पूरी तरह बंद।
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स्कूल बंद और प्रशासन सतर्क
भारी बारिश की आशंका को देखते हुए टीकमगढ़, रीवा, सतना, डिंडौरी और मऊगंज में शुक्रवार को स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है।
सतना जिले के भरजुना गांव में एसडीईआरएफ और होमगार्ड की टीमों ने मकान में फंसे एक परिवार को सुरक्षित बाहर निकाला।
अलर्ट और पूर्वानुमान
मौसम विभाग ने ग्वालियर-चंबल के 7 जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। साथ ही नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, राजगढ़, अशोकनगर, विदिशा, सागर, दमोह, निवाड़ी, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है।