भोपाल: मध्यप्रदेश की राजधानी में मंगलवार को कांग्रेस नेताओं ने स्कूलों में जाकर छात्रों के बैग का वजन तौला और चौंकाने वाले खुलासे किए। उन्होंने कहा कि अधिकतर बच्चों के बैग स्कूल बैग पॉलिसी 2020 द्वारा निर्धारित मापदंडों से कहीं अधिक भारी हैं। कांग्रेस ने इसे बच्चों के स्वास्थ्य और भविष्य से खुला खिलवाड़ बताया।
मप्र कांग्रेस प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी, अभिनव बरोलिया, कुंदन पंजाबी और विक्रम चौधरी के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ता भोपाल के विभिन्न स्कूलों में पहुंचे और तौल कांटे पर बच्चों के बैग रखकर उनका वजन मापा। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि 16 जून से शुरू हुआ स्कूल शिक्षा विभाग का जागरूकता अभियान केवल कागजों तक सीमित है।
क्या बोले कांग्रेस नेता?
विवेक त्रिपाठी ने कहा,
“500 मीटर दूर DEO कार्यालय के आसपास के स्कूलों में भी बच्चे तय मापदंडों से कई गुना अधिक वजन ढो रहे हैं। यह शिक्षा माफिया, प्रशासन और सरकार की मिलीभगत का परिणाम है।”
उन्होंने कहा कि शिक्षा माफियाओं ने कमीशन के लालच में छात्रों पर अनावश्यक किताबों का बोझ डाल दिया है। न केवल निजी बल्कि शासकीय स्कूलों, यहां तक कि सीएम राइज स्कूल भी इससे अछूते नहीं हैं।
छोटे कंधों पर बड़ा बोझ
कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि अत्यधिक वजन की वजह से बच्चे कम उम्र में ही डॉक्टरों और अस्पतालों के चक्कर काटने को मजबूर हो रहे हैं। इस गंभीर मुद्दे पर भाजपा सरकार, बाल आयोग और प्रशासन मूक दर्शक बने हुए हैं।
स्कूल बैग पॉलिसी 2020 के मुताबिक तय वजन सीमा
कक्षा | वजन सीमा (किलोग्राम) |
---|---|
पहली | 1.5 – 2.2 |
दूसरी | 1.6 – 2.2 |
तीसरी – पांचवीं | 1.7 – 2.5 |
छठवीं – सातवीं | 2.0 – 3.0 |
आठवीं | 2.5 – 4.0 |
नवमीं – दसवीं | 2.5 – 4.5 |