दुबई/भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपनी विदेश यात्रा के तीसरे दिन दुबई पहुंचे, जहां उन्होंने भारत मार्ट का दौरा किया। यह प्रतिष्ठान भारतीय MSME उत्पादों को वैश्विक मंच प्रदान करने वाला प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। सीएम ने यहां मध्यप्रदेश की MSME यूनिट्स को भारत मार्ट से जोड़ने की रणनीति पर चर्चा की।
मुख्यमंत्री ने सोमवार को दुबई में इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि भारत का विरोध किसी देश से नहीं, बल्कि आतंकवाद से है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश निवेशकों को प्रोत्साहनकारी नीतियों के साथ अतिरिक्त सुविधाएं भी देगा।
दुबई से आज रवाना होंगे स्पेन
सीएम डॉ. यादव मंगलवार को दुबई की प्रमुख लॉजिस्टिक्स कंपनी DP वर्ल्ड के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे। इसके बाद वे स्पेन की राजधानी मैड्रिड के लिए रवाना होंगे, जहां वे मध्यप्रदेश वैश्विक निवेश यात्रा को नया आयाम देने विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे।
दुबई में निवेश को मिला सकारात्मक रिस्पॉन्स
मुख्यमंत्री ने दुबई में भारतीय मूल के उद्यमियों की सराहना करते हुए कहा कि “यहां बसे भारतीय आईआईटी या आईआईएम से भले न हों, लेकिन उनके जीवन के अनुभव कहीं अधिक मूल्यवान हैं।” उन्होंने टेक्समास टेक्सटाइल ज़ोन का दौरा कर इसे मध्यप्रदेश में लागू करने की मंशा भी जताई।
"मध्यप्रदेश के दरवाजे सभी निवेशकों के लिए खुले"
मुख्यमंत्री ने दुबई के उद्योगपतियों को पर्यटन, टेक्सटाइल, MSME और तकनीकी क्षेत्रों में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि "मध्यप्रदेश सभी सेक्टर के निवेशकों के लिए एक आदर्श गंतव्य बन चुका है।"
सीएम ने भारत और दुबई के ऐतिहासिक संबंधों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि दुबई में 19वीं सदी में मत्स्य पालन मुख्य पेशा था, लेकिन तेल की खोज ने इस क्षेत्र की किस्मत बदल दी। आज दुबई एक वैश्विक व्यापारिक हब है और भारत के साथ इसके व्यापारिक रिश्ते मजबूत हैं।
"दुनिया डिजिटल युग में बदल गई है"
सीएम ने कहा कि डिजिटल युग ने व्यापार की परिभाषा बदल दी है। आज बिना यात्रा किए करोड़ों का व्यापार संभव है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए भारत की सैन्य क्षमता को रेखांकित किया और कहा कि “भारत अब आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करता है।”
भारत और दुबई के बीच फूड चेन सप्लाई को मिलेगा बढ़ावा
डॉ. यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुबई के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करते हुए 90% कस्टम ड्यूटी फ्री की है। भारत अब वैश्विक अर्थव्यवस्था में तीसरे पायदान पर पहुंच रहा है और दुबई जैसे देशों के साथ संबंध इस वृद्धि में सहायक हैं।
तकनीक, पर्यटन और उद्योग में मप्र के अवसर
विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भी दुबई में प्रस्तुतिकरण दिए। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के एसीएस संजय दुबे ने बताया कि उज्जैन में GMT से पहले समय की गणना होती थी और यह शहर अब एस्ट्रोनॉमी सेंटर बनने की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने बताया कि मप्र में 18 से अधिक तकनीकी नीतियां लागू हैं।
पर्यटन सचिव शिवशेखर शुक्ला ने कहा कि मप्र में 800 से अधिक धरोहर स्थल, 12 नेशनल पार्क, और 6 टाइगर रिजर्व हैं जो इसे ‘टाइगर स्टेट’ और अब फिल्म टूरिज्म का हब बना रहे हैं।
उद्योग सचिव राघवेंद्र सिंह ने बताया कि राज्य में 700 से ज्यादा निवेश बैठकें, 5 अंतरराष्ट्रीय रोड शो और 30.7 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव आ चुके हैं।
IBPC के सचिव साहित्य चतुर्वेदी ने कहा कि मुख्यमंत्री की यात्रा भारत-यूएई संबंधों को नई दिशा देगी।