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मध्य प्रदेश

सोशल मीडिया की ताकत और एक गर्भवती महिला की हिम्मत ने आखिरकार प्रशासन को झुका दिया। मध्य प्रदेश के सीधी जिले की रहने वाली लीला साहू का वीडियो हाल ही में सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था।

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सीधी (मध्य प्रदेश):
सोशल मीडिया की ताकत और एक गर्भवती महिला की हिम्मत ने आखिरकार प्रशासन को झुका दिया। मध्य प्रदेश के सीधी जिले की रहने वाली लीला साहू का वीडियो हाल ही में सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था। वीडियो में लीला सरकार और नेताओं से अपील करती नजर आ रही थीं कि उनके गांव की जर्जर सड़क की मरम्मत की जाए, ताकि गर्भावस्था में उन्हें अस्पताल तक पहुंचने में परेशानी न हो।

खास बात यह रही कि लीला का यह साहसी कदम रंग लाया। उनकी आवाज़ को लोगों का समर्थन मिला और अब उनके गांव में सड़क निर्माण का काम शुरू हो गया है।

नई वीडियो में लीला ने क्या कहा?

लीला साहू ने हाल ही में एक और वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें वह एक कच्ची मिट्टी वाली सड़क पर खड़ी नजर आ रही हैं। वीडियो में साफ दिख रहा है कि सड़क पर जेसीबी से काम चल रहा है। लीला मुस्कराते हुए कहती हैं,

“हम आपको बता देना चाहते हैं कि हमारे यहां सड़क निर्माण का काम अस्थाई तौर पर शुरू हो गया है, ताकि एंबुलेंस और अन्य वाहन आसानी से आ-जा सकें।”

लीला ने यह भी बताया कि एक बार उनके घर तक एंबुलेंस आने की कोशिश कर चुकी थी, लेकिन खराब सड़क के कारण वह नहीं पहुंच सकी। इसलिए उन्होंने प्रशासन से लगातार गुहार लगाई कि सड़क की सफाई और मरम्मत का काम तुरंत किया जाए।

क्या था मामला?

कुछ दिन पहले लीला ने सोशल मीडिया पर कई वीडियो अपलोड किए थे, जिनमें उन्होंने सांसद से सवाल किया था कि जब आप सड़क बनवाने की स्थिति में नहीं थे तो झूठा वादा क्यों किया? उन्होंने कहा था,

“हम 9वें महीने की गर्भवती हैं। इस खराब सड़क में अगर हमें कुछ होता है तो ज़िम्मेदार आप होंगे। अगर पहले बता देते तो मैं खुद नरेंद्र मोदी जी, नितिन गडकरी जी से जाकर मिलती।”

वीडियो वायरल होने के बाद मामला गरमा गया था। संसदीय क्षेत्र सिंगरौली के सांसद राजेश मिश्रा ने विवादित बयान में कहा था कि जरूरत पड़ने पर लीला साहू को इलाज के लिए "घर से उठवा लेंगे"। उनके इस बयान की कड़ी आलोचना हुई थी।

सोशल मीडिया से बदली किस्मत

लीला साहू की इस पहल ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि जब आम नागरिक अपनी आवाज़ उठाते हैं, तो न सिर्फ प्रशासन हरकत में आता है, बल्कि जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही भी तय होती है।

अब गांव में सड़क का निर्माण शुरू हो चुका है — भले ही यह फिलहाल अस्थाई हो, लेकिन लीला की उम्मीद और संघर्ष से हजारों ग्रामीणों को राहत मिली है।

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