इंदौर।
लव जिहाद फंडिंग मामले में फरार चल रहे कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी उर्फ अनवर डकैत के खिलाफ पुलिस का शिकंजा अब और कसता जा रहा है। पुलिस ने कोर्ट से कादरी को भगोड़ा घोषित कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, साथ ही उनकी चल-अचल संपत्तियों को कुर्क करने की भी तैयारी की जा रही है।
कोर्ट से फरारी वारंट की प्रक्रिया
मंगलवार को पुलिस ने कोर्ट में आवेदन देकर अनवर कादरी के खिलाफ फरारी वारंट जारी कराने की मांग की है। इस प्रक्रिया के बाद उन्हें कानूनी रूप से भगोड़ा घोषित किया जा सकेगा। इससे पहले, पुलिस ने देशभर के हवाई अड्डों और सीमाओं पर लुकआउट सर्कुलर जारी कर दिया है ताकि वह विदेश न भाग सके।
संपत्तियों की जानकारी जुटाई जा रही
अनवर कादरी की संपत्तियों का पता लगाने के लिए पंजीयन विभाग और नगर निगम से डाटा मंगवाया गया है। पुलिस का कहना है कि कुर्की की प्रक्रिया जल्द ही शुरू हो सकती है। इस बीच, सिक्किम और चेन्नई समेत कई राज्यों में पुलिस की टीमें उनकी तलाश कर रही हैं।
बेटी आयशा की गिरफ्तारी
कादरी की फरारी में उनकी बेटी आयशा कादरी की भूमिका सामने आई है। इंदौर पुलिस ने दिल्ली के शालीमार बाग से उसे गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि आयशा अपने पिता के संपर्क में थी और फरारी के दौरान उनके साथ रही। फिलहाल, उसे कोर्ट में पेश किया गया है और उससे पूछताछ जारी है।
दो युवकों के बयान से खुलासा
इस केस में दो युवकों — साहिल शेख और अल्ताफ शाह — ने पुलिस पूछताछ में खुलासा किया था कि अनवर कादरी ने उन्हें 3 लाख रुपये की फंडिंग दी थी। यह रकम कथित तौर पर हिंदू लड़कियों को प्रेम जाल में फंसाकर धर्मांतरण कराने और देह व्यापार में धकेलने के लिए दी गई थी।
इनामी राशि बढ़ाई गई
पुलिस ने अब कादरी पर घोषित इनाम की राशि 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 20 हजार रुपये कर दी है। अगर जल्द गिरफ्तारी नहीं होती, तो संपत्ति कुर्की की कार्रवाई को अंजाम दिया जाएगा।
यह मामला क्यों गंभीर है?
इस केस ने राजनीतिक गलियारों से लेकर कानून व्यवस्था तक में हलचल मचा दी है। कांग्रेस पार्षद के खिलाफ लगे आरोप और उनकी फरारी, प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। अब सबकी नजर इस पर है कि पुलिस अगला कदम कब और कैसे उठाएगी।